Description
मौन केवल आवाज़ का अभाव नहीं है।
मन में हजारों विचार चलते रहें और व्यक्ति बाहर से बिल्कुल शांत हो, तो वह वास्तविक मौन नहीं है।
वास्तविक मौन उस अवस्था की ओर संकेत करता है जहाँ व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और प्रतिक्रियाओं को देखना सीखता है, बिना हर विचार के पीछे भागे।
इस पुस्तक में एक महत्वपूर्ण अंतर रखा जा सकता है:






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